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Art And Pen....✍️कला और कलम….✍️

Fragrance – सुगंध | Sandeep Tiwari

  फूलों की सुगंध सी, सुगंधित हो तुमकुछ रस्मों और रिवाजों से बंधित हो तुमपलट के लाऊं बागानों से सुगंध तेरे लिए,पत्तियों में कैद फूलों…

“जरा (वृद्धावस्था) सबको सताती है ” | नरेश सिंह नयाल

 जिन्दगी के दिनों का हिसाब है,आकर मिलो हमसे कभी ,सुनाने को बहुत कुछ है ,दर्द बयां क्या करें ,तुम्हें पहले खुशियां बताएंगे,हम वादा करते हैं…

तुम भी ना….|नरेश सिंह नयाल

 मैं पति ही नहींश्रृंगार हूँ तुम्हारे जीवन कामान्यताएं कहती हैंईश्वर ऊपर हैपर धरा पर उसका ही रूपपरमेश्वर हूँ तुम्हारातुम्हारे सिर के बीचों बीचचलती हुई लकीर…

चिट्ठी | नरेश सिंह नयाल

 आज चिट्ठी खुद की लिखी खोल ली,जिनको लिखी थी उन्हीं के लिए बोल दी,उससे पूछा तू क्यों नहीं गई ,भला यहीं कैसे रह गई ,वो…

कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं..|वैष्णवी चारी

 दूर कहीं किसी परदेस में बस गए हैं,कामकाजी चक्रव्यूह में धंस गए हैं,कभी व्हिडीओ काॅल में दिख जाते हैं,या पुरानी धुंधली यादों में शरमाते हैं,हां,…

तुम्हारे पायल की छनक | Sakshi Agarwal

 तुम्हारे पायल की छनकऔर तुम्हारे कंगन की खनकमेरे कानों में एक मधुरधुन सी गूंजती हैजब भी तुम अपने कदममेरी ओर बढ़ाती हो ।मुझे पता थातुम…

कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं|नरेश सिंह नयाल

 तुम लोग सच मेंबहुत सताते होसब अपने-अपने कामों में होदेखता रहता हूँसुनता रहता हूँतुम सब अपने-अपने क्षेत्र मेंबहुत अच्छा कर रहे होअच्छा लगता हैपर सुन…

वो फोन की घंटी |Vardan Jindal

 दिन भर की भागदौड़ी से थक कर जब रात को सोने से पहले कुछ देर रिलैक्स होने के लिए FM चलाया तभी अचानक से फोन…