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Posts published in “आलेख”

नोटबुक📖 |Diksha Bawa

 मैं नोटबुक हूं । एक मनुष्य से मेरी मुलाकात सबसे पहले उसके घरवाले कराते हैं। जब बच्चे उन्हें परेशान करते या कुछ खेलने को मांगते…

दुकानदार और ग्राहक| Mamtansh Ajit

 जब कोई रिश्ता , रिश्ता ना रह कर एक व्यापार बन जाता है , जब रिश्तों को अपनी जरूरत के हिसाब से प्रलोभन दिया जाता…

माँ – कड़वा सच

 कलमकार अलका जी की लेखनी के कुछ अतुलनीय शब्द जो आपको सोचने के लिए अवश्य मजबुर करेंगे तो रचना कुछ इस तरह से है ।…

माँ-शब्द एक रूप अनेक

 मई महीने के दूसरे रविवार को मदर्स डे बनाया जाता है जो इस बार 10 मई यानी आज mother’s day मनाया जा रहा है यह…

मैं उसके प्यार का सिलबट्टा | मेहंदी वाले हाथ | लव का खात्मा

 भारत में शादियाँ बहुत महत्त्वपूर्ण होती है शादियों को यहाँ पर एक पवित्र बंधन माना जाता है और शादी से पहले हुए प्यार को एक…